
कन्हैया रुलाते हो, जी भर रुलाना लिरिक्स
कन्हैया रुलाते हो, जी भर रुलाना,मगर आँसूओं में, नजर तुम

कन्हैया रुलाते हो, जी भर रुलाना,मगर आँसूओं में, नजर तुम


सलोने श्याम की झांकी, देख मदहोश मन होता,सुधी दुःख सुख

दो छोटे छोटे घर है जिसे नैणां कहते हैं,कभी इस

आज श्याम जयंती है, दरबार लगाया है,बाबा श्याम पधारे हैं


केशरिया, रंग बसन्ती लागा,मन झूमै, मन नाचै,मन गावै श्याम तराना,

आँगण माँही झूलो घाल्यो, झूल ताँई आजा तूं,भक्ताँ मिलकर झोटा

