
राधा रानी हमारी सरकार, फिकर मोहे काहे की लिरिक्स
(दोहा – सारद शेष की कौन गिने,गुण गावत चारहुँ वेद

(दोहा – सारद शेष की कौन गिने,गुण गावत चारहुँ वेद

मन बस गयो नन्दकिशोर,अब जाना नहीं कहीं और,बसालो वृन्दावन में,

तेरे बगैर सांवरिया, जिया नही जाये,तुम आके बांह पकड लो,

तुम हमारे थे प्रभुजी, तुम हमारे होतुम हमारे ही रहोगे,