


तुझे झूला में झुलाऊँगा, सावन को आने दो,सावन… को आने

जग की झूठी माया से बेगाने हो गए,ऐ श्याम तेरे

कीड़ी ने कण हाथी ने मण, सगलो हिसाब चुकावे है,खाटू

थे रुस्या तो म्हारे कैइया सरसी,बाबुल के रूठ्या टाबरिया बोलो

श्याम के रंग में रंगा हूँ मैं,मुझे दुनिया से क्या

साँवरा देख तेरो सिंण्गार मैं तो गयो कालजो हार,गयो कालजो

मेरे खाटू वाले श्याम, मेरे खाटू वाले श्याम,तेरी कृपा से

तेरा कर्जा सांवरिया, मैं कैसे चुकाऊंगा,तूने इतना दिया बाबा, मैं

याद थारी आवे नैणा, बरस रही बादळी,सांवरिया रे थारी, ओल्यूड़ी