
नख पर धार लियो गिरिराज, नाम गिरधारी पायो है लिरिक्स
नख पर धार लियो गिरिराज, नाम गिरधारी पायो है ॥

नख पर धार लियो गिरिराज, नाम गिरधारी पायो है ॥

प्रीतम तू मोहे प्राणन तें प्यारो । तुम मेरे पुतरिन


श्यामा हृदय कमल सो प्रगट्यौ,श्यामा हृदय कमल सो प्रगट्यौ,और श्याम

(वाणी गुणानु कथने, श्रवणो कथायां,हस्तौ च कर्मसु मनस्तव पादयोर्न:,स्मृत्यां शिरस्तव

राधिका रानी जी,वृषभानु दुलारी जी,सुनलो अरज हमारी,रहु बृज रज को