

ओ म्हारी नंदोली म्हारे से नाराज़ हो गई,खाटू जो जाकर

घूमर घाल रे भाया, घूमर घाल रे भाया,आज उड़े आनंद


लो फागुन आया रे मस्तियाँ लाया रे,नाचो दीवानो झूम के,अरे

दिन दुख्यारों का रेला देखलो,आओ खाटूवाले का मेला देखलो ।।

(दोहा :- खाटूवाले श्याम जी,मेरे मन में उठी उमंग,फागुन के

खाटू में फाल्गुन आए गयो रे,खाटू में फाल्गुन आए गयो

गलती तेरी है सरकार, फागण दिखा दियो एक बार…गलती तेरी

खर्चो भेज दे साँवरिया फागण मेलो आयो रे…खर्चो भेजदे,मैं सूत्यो

आयो फागण मेलो, बाबो मारै हेलो,खाटू धाम चालो, भगतां नै