
संसार समन्दर में, डगमग मेरी नैया है लिरिक्स
संसार समन्दर में, डगमग मेरी नैया है,गिरधारी ओ मुरारी, दीखै

संसार समन्दर में, डगमग मेरी नैया है,गिरधारी ओ मुरारी, दीखै


यो पाण्डव कुल अवतार, बड़ो अलबेलो है,करले करुण पुकार सौंप

तुम्हारी मेरी बात, के जाणेगो कोई,है कितनी दफाईं, ये पलकां


सांचो थारो दरबार, सेवक आयो थारै द्वार,बाबा ध्यान रखना ।।

मैं तो हूं सांवरिया, तेरे चरणों का पुजारी,चरणों का पुजारी,


जीमों जी बाबाजी, मनवार मैं करूं,चूरमें की थाली थारे, सामने

गजब मेरे खाटू वाले गजब थारे ठाठ निराले,सेठो के सेठ