


कन्हैया रुलाते हो, जी भर रुलाना,मगर आँसूओं में, नजर तुम


बाबा मेरे जीवन मैं कोई बात न होती,जो तेरी कृपा

लाख चाहू मगर, बात बनती नहीं, क्या करूँ,नाव भटके मेरी,

तेरे से ना छिपे है, हालात ये हमारे,हालात ये हमारे,तेरे


दो बून्द का खजाना,खाटू में लेके जाना,खाटू में लेके जाना….

खाटू बुला रहा हैं, किरपा नहीं तो क्या हैं,अब तक
