
मेरी बात बन रही है, तेरी बात करते करते लिरिक्स
मेरी बात बन रही है, तेरी बात करते करते,ये रात

मेरी बात बन रही है, तेरी बात करते करते,ये रात

मेरा तुम्हारा साँवरे रिश्ता जरूर है,अंजान था जो आज तक,

बोझ परिवार वाला, सांवरे पे छोड़ दे,मन को तूं श्याम

दिखता है चुपचाप साँवरा बोलता है,इक रस्ता होता बंद चार



पापी नालायक हूँ गुनहगार हूँ मैं,तेरी कृपा का तलबगार हूँ

मिल जाय हमको साथ तुम्हारा, सर पे हो प्रभु हाथ

ओ बाबा तुमसे नहीं है कोई शिकवा गिला,मुझको जो कुछ

(दोहा – आंसुड़ा ढलके म्हारा, हिवड़ो भर भर आवे,छोड़ थाने

मेरी बात बन रही है, तेरी बात करते करते,ये रात

मेरा तुम्हारा साँवरे रिश्ता जरूर है,अंजान था जो आज तक,

बोझ परिवार वाला, सांवरे पे छोड़ दे,मन को तूं श्याम

दिखता है चुपचाप साँवरा बोलता है,इक रस्ता होता बंद चार



पापी नालायक हूँ गुनहगार हूँ मैं,तेरी कृपा का तलबगार हूँ

मिल जाय हमको साथ तुम्हारा, सर पे हो प्रभु हाथ

ओ बाबा तुमसे नहीं है कोई शिकवा गिला,मुझको जो कुछ

(दोहा – आंसुड़ा ढलके म्हारा, हिवड़ो भर भर आवे,छोड़ थाने