
नंगे नंगे पाँव चल आ गया री माँ एक तेरा पुजारी लिरिक्स
नंगे नंगे पाँव चल आ गया री माँ,एक तेरा पुजारी ॥ हाथो में ले गंगा जल गागर,श्रद्धा से स्नान करा गया री माँ,एक तेरा पुजारी

अब के नवरात्रि मेरे अंगना पधारो जगदम्बे भवानी लिरिक्स
अब के नवरात्रि मेरे अंगना पधारो जगदम्बे भवानी,अंगना पधारो मेरे संकट निवारो,संकट निवारो मेरी बिगड़ी संवारो,जगदम्बे भवानी,अब के नवरात्रि मेरें अंगना पधारो जगदम्बे भवानी ॥

अब मेरी भी सुनो हे मात भवानी भजन लिरिक्स
अब मेरी भी सुनो हे मात भवानी,मैं तेरा ही बालक हु जगत महारानी,अब मेरी भी सुनो हे मात भवानी ।। सिंह सवारी करने वाली तेरी

अमृत की बरसे बदरिया अम्बे माँ की दुअरिया लिरिक्स
अमृत की बरसे बदरिया,अम्बे माँ की दुअरिया ।। दातुर मोर, पपीहा बोले,कूके-3 काली कोयलिया,ओ मेरी, माँ की दुअरिया,अमृत की बरसे बदरिया,अम्बे माँ की दुअरिया ।।

आते है हर साल नवराते माता के भजन लिरिक्स
श्लोक – चैत महीना और अश्विन मे,आते माँ के नवरात्रे,मुँह माँगा वर उनको मिलता,जो दर पे चलके आते ॥ आए नवरात्रे माता के,आए नवरात्रे माता

ओ आये तेरे भवन, दे दे अपनी शरण भजन लिरिक्स
ओ आये तेरे भवन, दे दे अपनी शरण,रहे तुझमें मगन, थाम कर ये चरण,तन मन में भक्ति ज्योत तेरी, हे माता जलती रहे ॥ उत्सव

कब आओगी घर मेरे, बताओ ना अंबे माँ लिरिक्स
कब आओगी घर मेरे, बताओ ना अंबे माँ,सताओ ना अंबे माँ, क्या याद मेरी आती नहीं,क्या याद मेरी आती नहीं॥ है झूट जग ये कहता

बाबा मेरे जीवन मैं कोई बात न होती भजन लिरिक्स
बाबा मेरे जीवन मैं कोई बात न होती,जो तेरी कृपा की, प्रभु बरसात ना होती ।। तर्ज – बीते हुए लम्हों की कसक साथ ना

भाव के आंसू चढ़ा कर देखिए भजन लिरिक्स
भाव के आंसू चढ़ा कर देखिए,आएगा बाबा बुला कर देखिए।। तर्ज – दिल के अरमां आसूंओं में बह गए। पल में हि रीझे पसीझे सांवरा,दो

सतरंगी मेला है आयो, चालो श्याम दुअरिया लिरिक्स
सतरंगी मेला है आयो, चालो श्याम दुअरिया,आयो मेलो है फागनिया खाटू चलो,आयो मेलो है फागनिया खाटू चलो,श्याम प्रेमी लाखो आते, बाबा की नगरिया,आयो मेलो है

पाछा जाता सांवरा, म्हारो जी दुख पावे रे लिरिक्स
(दोहा – आंसुड़ा ढलके म्हारा, हिवड़ो भर भर आवे,छोड़ थाने जावा कईया, यो धीरज छुट्यो जाय,यो धीरज छुट्यो जाय) पाछा जाता सांवरा, म्हारो जी दुख

कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ लिरिक्स
कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ,आये शरण तिहारी प्रभु तार तार तू ॥ भगतो को कभी शिव ने, निराश न किया,माँगा जिसे चाहा वही,

शंकर तेरी जटा में बहती है गंगधारा लिरिक्स
शंकर तेरी जटा में बहती है गंगधारा ।काली घटा के अंदर जिम दामिनी उजारा ॥ गल मुंडमाल राजे शशि भाल में बिराजे ।डमरू निनाद बाजे

आया फागुन का त्यौहार चलो जी खाटू के दरबार लिरिक्स
आया फागुन का त्यौहार चलो जी खाटू के दरबार,चलो जी खाटू के दरबार छाई कैसी अजब बहार,आया फागुन का त्यौहार चलो जी खाटू के दरबार।।

कल रात खाटू श्याम का सन्देश आया स लिरिक्स
कल रात खाटू श्याम का सन्देश आया स।फागन क मेला म सब भक्तां न बुलाया स।कल रात खाटू,,,,,,,,,,,,,,,,,जय बाबा की,जय बाबा की,जय बाबाकी बोलिए (2)

चम चम चन्दा चमके है, जैसे सूरज दमके है लिरिक्स
चम चम चन्दा चमके है, जैसे सूरज दमके है,थारो खूब सज्यो सिंगार बाबा श्याम धनी।। तर्ज – मेहंदी रची थार हांथा म । (१) कितनी

आसरो माताजी म्हने थारो थे कष्ट निवारो लिरिक्स
आसरो माताजी म्हने थारो,थे कष्ट निवारो,पधारो म्हारे आंगनिये पधारो,थारी तो बुलावा जय जयकार,थारी तो बुलावा जय जयकार।। ऊंचो भवानी सज्यो है दरबार,महिमा रो मैया पायो

बचाल्यो आज दादीजी, मन्ने थारो सहारो है लिरिक्स
बचाल्यो आज दादीजी, मन्ने थारो सहारो है।पड़ी मझधारां मं नैया, माँ सूझे ना किनारो है ।। तर्ज – पकड़ लो हाथ बनवारी। घटा घणघोर छायी

हर पल हर घड़ी मां लाज बचाती है लिरिक्स
हर पल हर घड़ी मां लाज बचाती है।कोई आये ना आये, ये दादी दौड़ी आती है ।। तर्ज – आदमी मुसाफिर है। झुंझूनू में बैठी

मैया के दरबार की महिमा अपरम्पार लिरिक्स
मैया के दरबार की महिमा अपरम्पार,हर पल भक्तों के ऊपर, बरसे है माँ का प्यार ।। तर्ज – देनो हो तो दीजिए। बूढ़े बालक नर