
जब दिन गर्दिश के थे, ना कोई पूछने वाला था लिरिक्स
जब दिन गर्दिश के थे, ना कोई पूछने वाला था,उस

जब दिन गर्दिश के थे, ना कोई पूछने वाला था,उस

आ जाओ श्याम प्यारे, तेरा दरबार है सजाया,मन से तुम्हें

हरदम रहता साथ वो मेरे,सांझ कहु या कहु सवेरे,उसकी कृपा

आओ गोविंद प्यारा आओजी,मैं पकडूंलो चरखी थे तो पतंग उड़ाओ

बाबा श्याम के दरबार, मची रे होली, बाबा श्याम के,मची

फागण को महीनो लिख दीन्यो बाबा जी के नाम,कोई काम

मेरा श्याम रंगीला,पलकां उघाड़ो फागण आ गयो ।। फागणियो रंगीलो

म्हाने खाटू में बुलाले बाबा श्याम,के आयो मेलों फागण को…

हर साँस में हो सुमिरन तेरा, यूँ बीत जाये जीवन

हमें तो जो भी दिया श्याम बाबा ने दिया,हमेशा आप