
दिल लगी को दिल्लगी ना जानिये भजन लिरिक्स
दोहा : दिल दिया दिलदार को दिलवर हमारा हो गया,और

दोहा : दिल दिया दिलदार को दिलवर हमारा हो गया,और

कब तक परखेगा, कब तक परखेगा,द्वार खड़े दुखियारों पर, तूं

तेरे वास्ते मैं शायद, कुछ भी नहीं हूँ,मेरी सारी दुनिया


श्याम सुमरले, झोली भरले, होज्या मालामाल, साथ यहीं जाना है,जाना

चंचल ये चितवन तेरी, गजब का श्रृंगार है – २,गजरों

चढ़ती है श्याम नाम की, रंगत कभी कभी,मिलती है प्रेमियों

जो श्याम को ध्याता है, वो मौज उड़ाता है,जी भरके

संदेशो आयो, खाटू से म्हारे बाबा श्याम को – २,दरबार

श्याम के दिवानों को ना है कोई फिकर, किस बात