
फागुन का मेला आया खाटू चलेंगे अब तो लिरिक्स
फागुन का मेला आया, खाटू चलेंगे अब तो, बाबा ने

फागुन का मेला आया, खाटू चलेंगे अब तो, बाबा ने


ओ तारण हारेऽऽऽ, ओ तुमसे श्वाँसों का संगीत,तुम्हीं हो मेरे

श्याम जयंती आ गई है उत्सव मनाये जोर से,नाचो गावो

श्याम जबसे साथी बना संकट से अब हम ना डरते

ऊँगली पकड़के ले आया मुझे, खाटू नगरी घुमाया मुझे,श्याम ओ

दोहा : दिल दिया दिलदार को दिलवर हमारा हो गया,और

कब तक परखेगा, कब तक परखेगा,द्वार खड़े दुखियारों पर, तूं

तेरे वास्ते मैं शायद, कुछ भी नहीं हूँ,मेरी सारी दुनिया
