
दरबार मेरे श्याम का सबको बुला रहा लिरिक्स
दरबार मेरे श्याम का, सबको बुला रहा,किस्मत में जिनके श्याम

दरबार मेरे श्याम का, सबको बुला रहा,किस्मत में जिनके श्याम

हर बार कुछ गजब सा, दीखता है कुछ अलग सा,दरबार

दरबार हैं निराला, खाटू के श्याम का,जग हो रहा दीवाना,

ओ बाबा तुमसे नहीं है कोई शिकवा गिला,मुझको जो कुछ

बाबा मेरे जीवन मैं कोई बात न होती,जो तेरी कृपा

भाव के आंसू चढ़ा कर देखिए,आएगा बाबा बुला कर देखिए।।

सतरंगी मेला है आयो, चालो श्याम दुअरिया,आयो मेलो है फागनिया

(दोहा – आंसुड़ा ढलके म्हारा, हिवड़ो भर भर आवे,छोड़ थाने

आया फागुन का त्यौहार चलो जी खाटू के दरबार,चलो जी
