
जिसका कोई ना होता, उसके है श्याम कन्हाई लिरिक्स
जिसका कोई ना होता, उसके है श्याम कन्हाई,भक्तों की पीड़ा

जिसका कोई ना होता, उसके है श्याम कन्हाई,भक्तों की पीड़ा

जो भी कुछ पास है मेरे, वो तुमसे पाया है,मेरे

अँसुवन की लगी जब झड़ी, श्याम आया उसी ही घड़ी,ओ

सम्हालो दास को दाता, मेरी सुध क्यों भुलायी है,ना जाने

जदसूं बाबा थारी सेवा को, काम मिल गयो,ओ महाने, रोज़ी

ये बाल घुंघराले, ये नैणां काले-काले,नजर सांवरे लग न जाये

लगन तुझसे लगे मेरी, यही वरदान देदो ना,मैं तेरा हूँ

चला भी आओ आज्या सांवरा,खाटूवाले आजा तेरा लाल बुलाये,लीले चढ़

लीला घोड़ा म्हाने, तेरी लीला तो दिखा,पीठ पे बिठाके म्हारे,

आज भगत तेरी, किस्मत खुल ज्यासी रे,लीले चढ़कर सेठ सांवरो,