
कान्हो कैसो रूप बणायो रे भजन लिरिक्स
कान्हो, कैसो रूप बणायो रे,बण मणिहारी राधाजी से मिलणे आयो

कान्हो, कैसो रूप बणायो रे,बण मणिहारी राधाजी से मिलणे आयो

दिल खो गया दिल खो गया – २,बांके बिहारी श्री

नहीं किसी में इतना दम जो, सुणले हारे की,वरना क्या


हम गरीबों से रखता है यारी,नाम उसका है बांके बिहारी

वृंदावन में रहता है वो, उसका नाम कन्हैया है ।।

निकले मेरे प्राण हंसते हंसते, कीर्तन तेरा श्याम करते करते


श्याम आपके नाम की महिमा अमिट अपार,है नाम हजारों तेरे

सारी सृष्टि की करे रखवारी, श्याम प्यारे गोवर्धनधारी,दीनबन्धु यही चक्रधारी,