
भगवान मेरी अटकी नैया ने पार उतारो जी लिरिक्स
भगवान मेरी अटकी नैया ने पार उतारो जी,गहरी नदियां नाव

भगवान मेरी अटकी नैया ने पार उतारो जी,गहरी नदियां नाव

संभालोगे नहीं तुम तो, संभाले कौन फिर प्यारे,भरोसा आपका भारी,


बड़ी करूणामयी श्यामा, ये है सरकार दीनों की,बिराजे ऊँचे महलों


साँवरिया ओ साँवरिया, भा गयी तेरी सुरतिया,दिल मं मेरे उतर


ओ कान्हा आ रेSS5, तू आजा मोहन गिरधारी,कि तरसे गूजरियां

अरे कान्हा, होले से यूं तेरा मुस्काना,बना देता, हम भगतों

कान्हो, कैसो रूप बणायो रे,बण मणिहारी राधाजी से मिलणे आयो