
जगन्नाथ चकानयन लिरिक्स
जगन्नाथ (जगन्नाथ) चकानयन (चकानयन),नीलाचल वारे, तू ना संभाले तो हमें

जगन्नाथ (जगन्नाथ) चकानयन (चकानयन),नीलाचल वारे, तू ना संभाले तो हमें

सांवरिया ले चल परली पार,जहां विराजे राधा रानी,मेरी अलबेली सरकार

लाज रखो गिरिधारी,मोरी लाज रखो गिरिधारी ।। जैसी लाज राखी




नाम है तेरा तारण हारा,कब तेरा दर्शन होगा,जिनकी प्रतिमा इतनी


तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से आयी हूँ,मैं
