


नाम है तेरा तारण हारा,कब तेरा दर्शन होगा,जिनकी प्रतिमा इतनी


तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से आयी हूँ,मैं


श्री राधा मोहन श्याम शोभन, अंग पट पीताम्बरं,जयति जय जय,

तेरे मोटे मोटे नैन कजरारे,मैं जाऊ तोपे बलिहारी ।। तर्ज

तेरी गलियो का हु आशिक तू एक नगीना है,तेरी नजरो


अरे माखन की चोरी छोड़, साँवरे मैं समझाऊँ तोय,मैं समझाऊँ