मेरे खाटू वाले श्याम, मेरे खाटू वाले श्याम,
तेरी कृपा से बनते हैं, सबके बिगड़े काम,
मेरे खाटू वाले श्याम…
१) भीम का पौत्र, घाटोत का पुत्र,
अजेयता और बलवान,
त्रेता युग में पास थे तीन शक्तिशाली बाण,
मात मोरवी के लाल सा, ना होगा देव महान,
मेरे खाटू वाले श्याम…….
२) पहला बाण निशान लगाता किसको है हटाना,
दूजा बाण निशान लगाता किसको है बचाना,
तीजा बाण नष्ट कर देता-२, शत्रु का निशान,
मेरे खाटू वाले श्याम…
३) तीनों लोकों के स्वामी ने तुमसे मांगा दान,
सृष्टि की रक्षा की खातिर शीश दिया बलिदान,
श्री कृष्ण ने तुमको माना -२, कलयुग का भगवान,
मेरे खाटू वाले श्याम…..
४) शीश मिला जहां इनका वो बन गया खाटू धाम,
आलू सिंह को कहते हैं इनका भक्त महान,
इनकी महिमा कौन न जाने जानें जग जहांन,
मेरे खाटू वाले श्याम….
५) फागुन मास के शुक्ल पक्ष में पहुंचे श्याम बहादुर,
दर्शन करने की कामना मन में ही दबाकर,
मोर छड़ी से ताले खुल गए हो गई जय जय श्याम,
मेरे खाटू वाले श्याम…..
६) हारे का सहारा तू ही है तेरे खेल न्यारे,
तेरे दर्शन को आते हैं सूरज चांद सितारे,
तेरे दर्श की प्यास इंदु को लाई तेरे धाम,
मेरे खाटू वाले श्याम……
लेखक – इंदु समाना जी




