


तेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूं,मेरे

फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना,नित ध्यान धरु तेरा बिगड़ी


सांसो की माला पे,सिमरु मै शिव का नाम,अब तो दुनियादारी



हिमाचल की गलियों में उत्सव छाया है,मेरा भोला दानी देखो

भोले भंडारी तूं, बड़ा अवढरदानी है,ये बात सदा तेरी, देवों

जो भी होगा देख लेंगे, डरने की क्या बात है,मेरे