


ऊँचे-ऊँचे मंदिर तेरे, ऊँचा तेरा धामहे, कैलाश के वासी भोले,

फिरता था एक पागल सड़कों पे मारा-मारा,रहता था अलग सबसे,

शिव जी की सवारी आई, भोले की सवारी,निकली उज्जैन नगरीया,

(श्लोक:है खुशियों की भरमार ब्रज की गलियों में,नाचे गाए है

ओ भोले तेरे प्यार ने, दीवाना कर दिया,ओ भोले तेरे

भोले डमरूवाले तेरा, सच्चा दरबार है,तेरी जय जयकार भोले, तेरी

घर में पधारो भोले बाबा, मेरे घर में पधारो,कष्ट निवारो




ऊँचे-ऊँचे मंदिर तेरे, ऊँचा तेरा धामहे, कैलाश के वासी भोले,

फिरता था एक पागल सड़कों पे मारा-मारा,रहता था अलग सबसे,

शिव जी की सवारी आई, भोले की सवारी,निकली उज्जैन नगरीया,

(श्लोक:है खुशियों की भरमार ब्रज की गलियों में,नाचे गाए है

ओ भोले तेरे प्यार ने, दीवाना कर दिया,ओ भोले तेरे

भोले डमरूवाले तेरा, सच्चा दरबार है,तेरी जय जयकार भोले, तेरी

घर में पधारो भोले बाबा, मेरे घर में पधारो,कष्ट निवारो

