



(दोहा – महाकाल की हर इक गली गली,दुल्हन की तरह


भोले के हाथों में, है भक्तो की डोर,किसी को खींचे

भोले तेरे भक्तों को, तेरा ही सहारा है,बाबा तेरे भक्तों

जानेवाले इक संदेशा भोलेनाथ से कह देना,एक दीवाना याद में

भोले शंकर मैं तुम्हारा, लगता नही कोई,पर जितना किया तुम

कोई जाये जो उज्जैनी, मेरा पैगाम ले जाना,मैं खुद तो

शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा हमारा तुम्हारा,महाकाल की नगरी मे



(दोहा – महाकाल की हर इक गली गली,दुल्हन की तरह


भोले के हाथों में, है भक्तो की डोर,किसी को खींचे

भोले तेरे भक्तों को, तेरा ही सहारा है,बाबा तेरे भक्तों

जानेवाले इक संदेशा भोलेनाथ से कह देना,एक दीवाना याद में

भोले शंकर मैं तुम्हारा, लगता नही कोई,पर जितना किया तुम

कोई जाये जो उज्जैनी, मेरा पैगाम ले जाना,मैं खुद तो

शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा हमारा तुम्हारा,महाकाल की नगरी मे