
किससे नज़र मिलाऊँ तुम्हे देखने के बाद भजन लिरिक्स
किस से नज़र मिलाऊँ तुम्हे देखने के बाद । आँखों

किस से नज़र मिलाऊँ तुम्हे देखने के बाद । आँखों

मैंने झोली फैला दी कन्हैया,अब खजाना तूं प्यार का लूटा

सखी री बांके बिहारी से, हमारी लड़ गयी अँखियां,बचायी थी

सांवरिया नन्द किशोर हाँ किशोर, मेरी साड़ी पे रंग डाल

दर्द किसको दिखाऊं कन्हैया, कोई हमदर्द तुमसा नहीं है,दुनियां वाले

सुन लेना घनश्याम, अरज मेरी सुन लेना ।। टेर ।।

भगवान मेरी अटकी नैया ने पार उतारो जी,गहरी नदियां नाव

संभालोगे नहीं तुम तो, संभाले कौन फिर प्यारे,भरोसा आपका भारी,


बड़ी करूणामयी श्यामा, ये है सरकार दीनों की,बिराजे ऊँचे महलों