बैठी झुन्झुनू में लगाके दरबार, राणी सती राज करे लिरिक्स

Rani Sati Raj Kare Lyrics

बैठी झुन्झुनू में लगाके दरबार, राणी सती राज करे,
या तो कर देवे भक्तां रा बेड़ा पार, जो ऐंसू अरदास करै।।

तर्ज – बैठ्यो खाटू म लगाकै ।

मेहंदी हाथां राचणी जी, लाल चुनड़िया सोहे,
लाल गुलाबी गजरो मैया, म्हारो मनड़ो मोहे,
थारी पायलड़ी पे जावाँ बलिहार ।। राणी सती…

कानां की थारी बाली मैया, जामें हीरो चमके,
रतन जड़ित सिंहासन बैठ्या, मुखड़ो दम दम दमके,
सुनके आवाँ थारे कंगणा की झंकार ।। राणी सती…

पाँच आरती होवे नित की, झांझ नगाड़ा बाजे,
भक्तां थारे आंगणिये में, झूम-झूम कर नाचे,
नभ सू देव करे फूलों की बरसात ।। राणी सती…

घट-घट की ये जाणों मैया, थानै के समझावाँ,
भूल-चूक की मैया थाँसे, म्हे तो माफी चावाँ,
इब तो लेल्यो म्हानै हिवड़े सू लगाये ।। राणी सती…

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