खाटू में जो भी आया फस्ता ही जा रहा है लिरिक्स

Khatu Me Jo Bhi Aaya Fasta Hi Ja Raha Hai Lyrics

खाटू में जो भी आया, फस्ता ही जा रहा है,
उन्हें देख देख बाबा, हस्ता ही जा रहा है….

(तर्ज – मौसम है आशिकाना)

बन करके ये शिकारी, ऐसा बिछाया जाल है,
देता जवाब उनको, जिसने किया सवाल है,
ये प्रेम का शिकंजा, कसता ही जा रहा है,
खाटू में जो भी आया, फस्ता ही जा रहा है….

एक बार जो फसा फिर, खुद को छुड़ा ना पाया,
सारे जहा की खुशियां, तेरे जाल में वो पाया,
वो दाने सांवरे के, चुगता ही जा रहा है,
खाटू में जो भी आया, फस्ता ही जा रहा है….

कैसे बचेगा कोई, कातिल तेरी निगाहे,
कहता है ‘श्याम’ तेरे, नैनो में दिखती राहें,
नैनो का दिल पे खंजर, धस्ता ही जा रहा है,
खाटू में जो भी आया, फस्ता ही जा रहा है….

लिरिक्स – श्याम अग्रवाल जी

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