


तेरे सिवा ना हो कोई, दिल की बस्ती में,भले ही

आ जाओ सारे मिलके श्री श्याम को रिझायें,श्री श्याम प्रेमियों

जब कोई ना संभाले, संभालता है श्याम,कोई ना कोई रास्ता

हारे का सहारा बन जाओ,श्याम के प्यारे बन जाओ,वो दीन

ये आंगन तो तुम्हारा है, ये बगिया भी तुम्हारी है,तुम्हारे

श्याम तुमसे, आज कुछ कहना है,हमें ज्यादा, हमें ज्यादा नहीं

तेरे हाथों की कठपुतली हूँ,तेरे हाथों का मैं झुनझुना,मेरी किस्मत

ऐ भक्तों फूल बरसाओ, मेरे बाबा श्याम आये हैं,मग्न होकर

श्याम का नाम मुझे मस्त बना देता है,श्याम सागर में