
सच्चा दरबार है दरबार में अभिमान ना कर लिरिक्स
सच्चा दरबार है दरबार में अभिमान ना कर,जो दिया श्याम

सच्चा दरबार है दरबार में अभिमान ना कर,जो दिया श्याम


है दीनबन्धु शरण हूँ तुम्हारी, खबर लो हमारी।। ये माना

श्यामा म्हारे घरा ले चालू रे,पतली सी पीताम्बरी में सियां

पीला रे पीला, कांईं करो सहेल्यूं ए,पीला म्हारै बाबाजी रा

छाया रे बसंती रंग, लो फागुण आया रे-२,याद श्याम की

आया हूँ शरण में, दीदार के लिए,खाटू वाले श्याम, सरकार

श्याम जी घनश्याम जी जय श्री श्याम जी,खाटू में देखा

आता हूं चौखट तेरी चुप सा खड़ा रहता हूं,मेरा तू

आ जाओ श्याम प्यारे, इतनी किरपा तो करदे,मेरे सिर पे