
नगरी हो खाटू सी, मन्दिर बस श्याम का हो लिरिक्स
नगरी हो खाटू सी, मन्दिर बस श्याम का हो,मेरी झोपड़ी

नगरी हो खाटू सी, मन्दिर बस श्याम का हो,मेरी झोपड़ी

बाबा सुनलो म्हारी बात,थारा लाम्बा-लाम्बा हाथ,म्हारो काम बनाद्यो जी,म्हारो काम

है तमन्ना हम भक्तों की आगे मर्जी राम की,राम मन्दिर

प्रेम भक्तों से करते हो, थोड़ा प्रेम जताया करो,बस महीने

नहीं किसी में इतना दम जो, सुणले हारे की,वरना क्या

दो छोटे छोटे घर है जिसे नैणां कहते हैं,कभी इस

हम गरीबों से रखता है यारी,नाम उसका है बांके बिहारी

वृंदावन में रहता है वो, उसका नाम कन्हैया है ।।

निकले मेरे प्राण हंसते हंसते, कीर्तन तेरा श्याम करते करते

आया हूँ शरण में, दीदार के लिए,खाटू वाले श्याम, सरकार

नगरी हो खाटू सी, मन्दिर बस श्याम का हो,मेरी झोपड़ी

बाबा सुनलो म्हारी बात,थारा लाम्बा-लाम्बा हाथ,म्हारो काम बनाद्यो जी,म्हारो काम

है तमन्ना हम भक्तों की आगे मर्जी राम की,राम मन्दिर

प्रेम भक्तों से करते हो, थोड़ा प्रेम जताया करो,बस महीने

नहीं किसी में इतना दम जो, सुणले हारे की,वरना क्या

दो छोटे छोटे घर है जिसे नैणां कहते हैं,कभी इस

हम गरीबों से रखता है यारी,नाम उसका है बांके बिहारी

वृंदावन में रहता है वो, उसका नाम कन्हैया है ।।

निकले मेरे प्राण हंसते हंसते, कीर्तन तेरा श्याम करते करते

आया हूँ शरण में, दीदार के लिए,खाटू वाले श्याम, सरकार