मुझे ला दो भजन वाली वही माला,
जा के रटने से मिल जाए नंदलाला ।।
जो माला यशोदा ने फेरी,
जो माला यशोदा ने फेरी,
देखो लीला दिखा गए नंदलाला,
मोहे ला दो भजन वाली वही माला,
जा के रटने से मिल जाए नंदलाला ।।
जो माला गौरा ने फेरी,
जो माला गौरा ने फेरी,
उन्हें मिल गया वो डमरू वाला,
मोहे ला दो भजन वाली वही माला,
जा के रटने से मिल जाए नंदलाला ।।
जो माला द्रोपदी ने फेरी,
जो माला द्रोपदी ने फेरी,
देखो चीर बड़ा गए गोपाला,
मोहे ला दो भजन वाली वही माला,
जा के रटने से मिल जाए नंदलाला ।।
जो माला शबरी ने फेरी,
जो माला शबरी ने फेरी,
झूठे बेरो को खा गए राम लाला,
मोहे ला दो भजन वाली वही माला,
जा के रटने से मिल जाए नंदलाला ।।
जो माला हनुमंत ने फेरी,
जो माला हनुमंत ने फेरी,
देखो लंका को पल में जला डाला,
मोहे ला दो भजन वाली वही माला,
जा के रटने से मिल जाए नंदलाला ।।
लेखक – कुंज बिहारी दस जी




