
गणपति गणेश को, उमापति महेश को, मेरा प्रणाम है लिरिक्स
गणपति गणेश को,उमापति महेश को,मेरा प्रणाम है,मेरा प्रणाम है ।।

गणपति गणेश को,उमापति महेश को,मेरा प्रणाम है,मेरा प्रणाम है ।।

फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना,आ जाना महाराज गजानन

हे गौरी नंदन तुमको वंदन,तेरा रूप निराला,गोरी नंदन तुमको वंदन,तेरा

तुम भी बोलो गणपति, और हम भी बोले गणपति ॥

पैलां गणेश मनाये रे, तेरी पीड़ा हरेगो,करुणा का भाव दिखाये

गणनायक महाराज, सुमरां जोड्या दोन्यूं हाथ,गजानन्द मैहर करो ।। टेर



श्याम धणी का कीर्तन सफल बनायें,सबसे पहले गणपत जी को

गिरिजानन्दन थांने निमंत्रण,‘मित्र मण्डल’ के मांय श्याम को उत्सव है

गणपति गणेश को,उमापति महेश को,मेरा प्रणाम है,मेरा प्रणाम है ।।

फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना,आ जाना महाराज गजानन

हे गौरी नंदन तुमको वंदन,तेरा रूप निराला,गोरी नंदन तुमको वंदन,तेरा

तुम भी बोलो गणपति, और हम भी बोले गणपति ॥

पैलां गणेश मनाये रे, तेरी पीड़ा हरेगो,करुणा का भाव दिखाये

गणनायक महाराज, सुमरां जोड्या दोन्यूं हाथ,गजानन्द मैहर करो ।। टेर



श्याम धणी का कीर्तन सफल बनायें,सबसे पहले गणपत जी को

गिरिजानन्दन थांने निमंत्रण,‘मित्र मण्डल’ के मांय श्याम को उत्सव है