
गौरी सुत गणराज पधारों, बीच सभा सब छोड़ के लिरिक्स
भा गया मुझे द्वार तुम्हारा,आया हाथ को जोड़ के,गौरी सुत

भा गया मुझे द्वार तुम्हारा,आया हाथ को जोड़ के,गौरी सुत

मेरे बन जाएं बिगड़े काम,गजानन तेरे आने से,आने से तेरे

सबसे पहले तुम्हे मनाऊँ,गौरी सूत गणराज,तुम हो देवों के सरताज,दूंद

तेरी जय हो गणेश,तेरी जय हो गणेश,तेरी जय हो गणेश,तेरी

प्रीत मे पूजे नाम तुम्हारा,गणपति जगत खिवैया,शिव नँदन अब आज

रिद्धि सिद्धि के दाता सुनो गणपति,आपकी मेहरबानी हमें चाहिये,पहले सुमिरन

तर्ज : देना हो दीजिये…. गणनायक महाराज को प्रथम करा

श्लोक – सुनते हो तुम सब की विनती, जो भी

गजानंद सरकार पधारो,कीर्तन की तैयारी है,आओ आओ बेगा आओ,चाव दरस
