
चालो चालां खाटूधाम, बाबा से मिलण लिरिक्स
चालो चालां खाटूधाम, बाबा से मिलण,बाबा स मिलण रे, धणी

चालो चालां खाटूधाम, बाबा से मिलण,बाबा स मिलण रे, धणी

तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है,मेरे वास्ते तूंने, क्या क्या

कैसे नजर मिलाऊँ, लायक नहीं मैं तेरे,हे श्याम माफ करदो,

श्याम हमारा कैसा जादूगारा है,अद्भुत है ये सब देवों से

फागुन का मेला आया, खाटू चलेंगे अब तो, बाबा ने

श्याम सुमरले, झोली भरले, होज्या मालामाल, साथ यहीं जाना है,जाना

चढ़ती है श्याम नाम की, रंगत कभी कभी,मिलती है प्रेमियों

जो श्याम को ध्याता है, वो मौज उड़ाता है,जी भरके

गिरिजानन्दन थांने निमंत्रण,‘मित्र मण्डल’ के मांय श्याम को उत्सव है

मैया के दरबार की महिमा अपरम्पार,हर पल भक्तों के ऊपर,

चालो चालां खाटूधाम, बाबा से मिलण,बाबा स मिलण रे, धणी

तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है,मेरे वास्ते तूंने, क्या क्या

कैसे नजर मिलाऊँ, लायक नहीं मैं तेरे,हे श्याम माफ करदो,

श्याम हमारा कैसा जादूगारा है,अद्भुत है ये सब देवों से

फागुन का मेला आया, खाटू चलेंगे अब तो, बाबा ने

श्याम सुमरले, झोली भरले, होज्या मालामाल, साथ यहीं जाना है,जाना

चढ़ती है श्याम नाम की, रंगत कभी कभी,मिलती है प्रेमियों

जो श्याम को ध्याता है, वो मौज उड़ाता है,जी भरके

गिरिजानन्दन थांने निमंत्रण,‘मित्र मण्डल’ के मांय श्याम को उत्सव है

मैया के दरबार की महिमा अपरम्पार,हर पल भक्तों के ऊपर,