
हमने सुना है द्वार पे तेरे, बिगड़ा नसीब सँवरता है लिरिक्स
हमने सुना है द्वार पे तेरे, बिगड़ा नसीब सँवरता है,जग

हमने सुना है द्वार पे तेरे, बिगड़ा नसीब सँवरता है,जग

दर दर भटकने वाले, बाबा से दिल लगाले,जीवन की नाव

जब दिन गर्दिश के थे, ना कोई पूछने वाला था,उस

तेरा नाम लेते लेते मेरी उम्र बीत जाए,जब जब भी

सच्चे दिल से लगाले फरियाद,सहारा तुझें श्याम देगा,जाएगी ना अरज़

हमने सुना है द्वार पे तेरे, बिगड़ा नसीब सँवरता है,जग

दर दर भटकने वाले, बाबा से दिल लगाले,जीवन की नाव

जब दिन गर्दिश के थे, ना कोई पूछने वाला था,उस

तेरा नाम लेते लेते मेरी उम्र बीत जाए,जब जब भी

सच्चे दिल से लगाले फरियाद,सहारा तुझें श्याम देगा,जाएगी ना अरज़