
जिन दीवानों की कन्हैया, से पुरानी प्रीत है लिरिक्स
जिन दीवानों की कन्हैया, से पुरानी प्रीत है,उन दीवानों की

जिन दीवानों की कन्हैया, से पुरानी प्रीत है,उन दीवानों की

बाबा उन भगतों के, वश में हो जाते हैं,रोज नियम

मैं हारा हूँ, मैं हारा, मुझे दे दे नाथ सहारा,हार

मुझे जबसे है अपना बनाया श्याम ने,मेरी ज़िन्दगी को रंगों

जदसूं बाबा थारी सेवा को, काम मिल गयो,ओ महाने, रोज़ी

आया जो साँवरे के, दरबार सिर झुकाकर,अपना लिया प्रभु ने,

जब से कन्हैया ने, मुझे अपनाया है,मेरे संग संग रहता,

कोई जब जहाँ में तुम्हारा ना हो,कोई साथी संगी सहारा

याद करां थारी बातां ने, नींद न आवे रातां ने।म्हाने

जिन्दगी से हर मुसीबत श्याम टालेगा ।आज तक जिसने संभाला,

जिन दीवानों की कन्हैया, से पुरानी प्रीत है,उन दीवानों की

बाबा उन भगतों के, वश में हो जाते हैं,रोज नियम

मैं हारा हूँ, मैं हारा, मुझे दे दे नाथ सहारा,हार

मुझे जबसे है अपना बनाया श्याम ने,मेरी ज़िन्दगी को रंगों

जदसूं बाबा थारी सेवा को, काम मिल गयो,ओ महाने, रोज़ी

आया जो साँवरे के, दरबार सिर झुकाकर,अपना लिया प्रभु ने,

जब से कन्हैया ने, मुझे अपनाया है,मेरे संग संग रहता,

कोई जब जहाँ में तुम्हारा ना हो,कोई साथी संगी सहारा

याद करां थारी बातां ने, नींद न आवे रातां ने।म्हाने

जिन्दगी से हर मुसीबत श्याम टालेगा ।आज तक जिसने संभाला,