
बंदे अब छोड़ दे हड़बड़ी, श्याम भजले घड़ी दो घड़ी लिरिक्स
(चाँद धुंदला गया, छोर बदली हवा,चंद लम्हो में बस होर

(चाँद धुंदला गया, छोर बदली हवा,चंद लम्हो में बस होर

मुझे दर्शन दे गया वो, कल रात सोते सोते,फिर बीती


श्री श्याम महर करदो, अब तो दुखियारे पर,कब तक निरखू

बड़ा प्यारा है खाटू दरबार देखिए,यहाँ झुकता है सारा संसार

मेरी बिगड़ी बनाने वाला, मेरा श्याम सांवरा है,मुझे दिल से

म्हारो बाबो म्हाने, मायड़ बाबुल के जईया पाले सा,आधी राता

भोला भगत म्हे तो, श्याम दरबार का,यो जग सारो भोला

( दोहा: कालजो धड़के मेरो,और कुम्हलावे देह,आखडली झुर झुर बहवे,ज्यूँ

म्हारे बाबुल रो आयो रे संदेश,ले चालो म्हाने पिहरिये,ले चालो