


सारे जग की ठोकर खाके,द्वार तेरे आया, कान्हा,द्वार तेरे आया,रिश्ते

गहरा हो नाता बाबा का जिनसे,मिलने को बाबा आता है


बचपन से सुना हमने मालिक तू हमारा है,घर पे आई

श्याम से लौ लगाकर देख,ये तेरे साथ चल देगा,श्याम से

सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,सांवली सूरत पे

मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है।करते हो

ऐसा क्या काम किया हमने तेराजो मेरा हाथ तुमने थाम

तेरे बिना श्याम, हमारा नहीं कोई रे ।हमारा नहीं कोई