



दुनिया ये छलावा है, कहीं तुम भी ना छल जाना,बदले

तेरा सिंहासन क्यों हिल रहा है,क्या कोई अर्जी लगा रहा


तेरा भक्त करे तने याद श्याम,तने आनो पडसी रे,भोला टाबरिया


कभी आया साथी बनकर, कभी आया मांझी बनकर,पग पग पर


हमें तो जो भी दिया श्याम बाबा ने दिया,हमेशा आप



दुनिया ये छलावा है, कहीं तुम भी ना छल जाना,बदले

तेरा सिंहासन क्यों हिल रहा है,क्या कोई अर्जी लगा रहा


तेरा भक्त करे तने याद श्याम,तने आनो पडसी रे,भोला टाबरिया


कभी आया साथी बनकर, कभी आया मांझी बनकर,पग पग पर


हमें तो जो भी दिया श्याम बाबा ने दिया,हमेशा आप