
क्या गज़ब श्रृंगार है क्या, रूप है सरकार का लिरिक्स
क्या गज़ब श्रृंगार है क्या, रूप है सरकार का,खिल उठा

क्या गज़ब श्रृंगार है क्या, रूप है सरकार का,खिल उठा

साँवरा देख तेरो सिंण्गार मैं तो गयो कालजो हार,गयो कालजो

तेरो खूब सज्यो श्रृंगार, म्हानें प्यारो लागै,हे श्याम तेरो दरबार,

यो पाण्डव कुल अवतार, बड़ो अलबेलो है,करले करुण पुकार सौंप

कन्हैया एक नज़र जो आज तुझको देखता होगा,मेरे सरकार को


आँख्या रो काजल थारो, होठां री लाली जी,तो अईया की

फूलों में सज रहे है,श्री वृन्दावन बिहारी ।और साथ सज

मेरे बांके बिहारी लाल,तू इतना ना करियो श्रृंगार,नजर तोहे लग

श्याम बाबा को श्रृंगार मन भावे,खाटू वाळे को दरबार मन