
चलती है सारी श्रष्टी महाकाल के दर से लिरिक्स
दोहा – मेरे महाकाल की मर्जी से,ये सूर्य की किरणे

दोहा – मेरे महाकाल की मर्जी से,ये सूर्य की किरणे


एक दिन वो भोले भंडारी,बन कर ब्रज की नारी,गोकुल में

ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय,हर-हर भोले नमः शिवाय,ॐ नमः

मेरा भोला है भंडारी, करे नंदी कि सवारी… सबना दा

सज रहे भोले बाबा निराले दूल्हे में,निराले दूल्हे में, मतवाले

डमरू वाले बाबा तुमको आना होगा,डम डम डमरू बजाना होगा,माँ

