
माँ की महिमा अपरम्पार, भगत के कष्ट मिटाती है लिरिक्स
माँ की महिमा अपरम्पार, भगत के कष्ट मिटाती है..2कष्ट मिटाती

माँ की महिमा अपरम्पार, भगत के कष्ट मिटाती है..2कष्ट मिटाती

उद्धार करो उद्धार करो, जगदम्ब मेरा उद्धार करो।अपनी ममता के

मैया दे नवरात्रे आए सब रज़ रज़ दर्शन पाए,सब जयकारा

अंगना पधारो माँ अंगना पधारो,अंगना पधारो माँ अंगना पधारो,आयो आयो

श्लोक – ॐ ह्रीं ऐं क्लीं चामुण्डायै विच्चे नमः,ॐ ह्रीं

कालो की काल महाकाली,भवानी माई कलकत्ता वाली,कलकत्ता वाली भवानी माई

मैया नवरात्रों में, जब धरती पे आती है,किसको क्या देना

तू तो काली और कल्याणी रे माँ,जहा देखु तू है

एक बार माँ आ जाओ,फिर आके चली जाना,हमें दरश दिखा


माँ की महिमा अपरम्पार, भगत के कष्ट मिटाती है..2कष्ट मिटाती

उद्धार करो उद्धार करो, जगदम्ब मेरा उद्धार करो।अपनी ममता के

मैया दे नवरात्रे आए सब रज़ रज़ दर्शन पाए,सब जयकारा

अंगना पधारो माँ अंगना पधारो,अंगना पधारो माँ अंगना पधारो,आयो आयो

श्लोक – ॐ ह्रीं ऐं क्लीं चामुण्डायै विच्चे नमः,ॐ ह्रीं

कालो की काल महाकाली,भवानी माई कलकत्ता वाली,कलकत्ता वाली भवानी माई

मैया नवरात्रों में, जब धरती पे आती है,किसको क्या देना

तू तो काली और कल्याणी रे माँ,जहा देखु तू है

एक बार माँ आ जाओ,फिर आके चली जाना,हमें दरश दिखा
