
मैं जब भी पुकारू माँ तुम दौड़ी चली आना लिरिक्स
मैं जब भी पुकारू माँ, तुम दौड़ी चली आना,इकपल भी

मैं जब भी पुकारू माँ, तुम दौड़ी चली आना,इकपल भी

मैया तेरे चरणों की, अम्बे तेरे चरणों की,गर धूल जो

(दोहा – सैल सुता, नव – वेद पुराण में,ध्यान धरयां

(काल के पंजे से माता बचाओ,जय माँ अष्ट भवानी,काल के

ओ माँ मेरी पत, रखियो सदा लाटावालिए,दुखिया को, पापन को,

गंगा तेरा पानी अमृत, झर झर बहता जाए,युग युग से

है कौन बड़ा तुमसे मैया,ओ त्रिभुवन की प्रतिपाली । श्लोक

शेर पे सवार होके आजा शेरावालिये,शेरावालिये.. माँ ज्योता वालिये,शेर पे

मुझे तेरा ही सहारा शेरोवाली माँ,मुझे तेरा ही सहारा शेरोवाली

दे दे थोड़ा प्यार मैया,तेरा क्या घट जायेगा,ये बालक भी