


(दोहा: है आँख वो जो श्याम का दर्शन किया करे,है

वो काला एक बांसुरी वाला, सुध बिसरा गया मोरी रे,सुध

वृन्दावन का कृष्ण कन्हैया, सबकी आँखों का तारा,मन-ही-मन क्यों जले

प्रबल प्रेम के पाले पड़कर, प्रभु का नियम बदलते देखा,अपना

वृन्दावन के ओ बाँके बिहारी,हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।।

बंसी बजाते हुए किसी ने मेरा श्याम देखा ।। राधा

राधे-राधे जपो चले आयेंगे बिहारी,राधे-राधे रटो चले आयेंगे बिहारी,आयेंगे बिहारी

मेरो छोटो सो बिहारी बडो प्यारो लागे,प्यारो लागे, बडो न्यारो

तुम्हारी याद आती है,बताओ क्या करें मोहन,तुम्हारी याद आती हैं,बताओ