
जैसी भी की तेरी भक्ति वो काम आ जाये लिरिक्स
जैसी भी की तेरी भक्ति, वो काम आ जाये,मेरे अंत

जैसी भी की तेरी भक्ति, वो काम आ जाये,मेरे अंत

मैंने पूछा श्याम धनि से कब दर पे बुलाओगे,तेरे दर्शन

तेरा सिंहासन क्यों हिल रहा है,क्या कोई अर्जी लगा रहा

म्हाने थे ही दिखाया खाटू धाम, मिलाया बाबो श्याम,गुरुजी म्हारा

मैं हार करके आया, मुझे श्याम अब सम्भालो,मैं ज़माने का

श्याम सुन्दर के सिवा कोई सहारा ही नहीं,उस दयालु की

सुन सांवरे तेरे ही भरोसे मेरी नाव रे,थक से गए

तेरा भक्त करे तने याद श्याम,तने आनो पडसी रे,भोला टाबरिया

जैसा चाहो मुझको समझना,बस इतना ही तुमसे कहना,मांगने की आदत

अरे जे तू चाहवै बाबो, तेरा पल में बणा दे

जैसी भी की तेरी भक्ति, वो काम आ जाये,मेरे अंत

मैंने पूछा श्याम धनि से कब दर पे बुलाओगे,तेरे दर्शन

तेरा सिंहासन क्यों हिल रहा है,क्या कोई अर्जी लगा रहा

म्हाने थे ही दिखाया खाटू धाम, मिलाया बाबो श्याम,गुरुजी म्हारा

मैं हार करके आया, मुझे श्याम अब सम्भालो,मैं ज़माने का

श्याम सुन्दर के सिवा कोई सहारा ही नहीं,उस दयालु की

सुन सांवरे तेरे ही भरोसे मेरी नाव रे,थक से गए

तेरा भक्त करे तने याद श्याम,तने आनो पडसी रे,भोला टाबरिया

जैसा चाहो मुझको समझना,बस इतना ही तुमसे कहना,मांगने की आदत

अरे जे तू चाहवै बाबो, तेरा पल में बणा दे