
सुनले कन्हैया अर्जी हमारी तारो ना तारो ये है भजन लिरिक्स
सुनले कन्हैया अर्जी हमारी,तारो ना तारो ये है,मर्ज़ी तुम्हारी,सुन ले

सुनले कन्हैया अर्जी हमारी,तारो ना तारो ये है,मर्ज़ी तुम्हारी,सुन ले

मुझे श्याम अपने,गले से लगा लो,ज़माने की ठोकर,बहुत खा चूका

हे गिरधारी कृष्ण मुरारी,नैया करदो पार,खिवैया बन जावो,संकटहारी अर्ज गुजारी,लीलै

किस बात का करे गुमान,लेख यहाँ किसने बाँचा है,तू मिल

जिनके घर में श्याम विराजे,उनको चिंता होती नही,जिन आँखों ने

सभी रूप में आप विराजे,त्रिलोकी के नाथ जी,सारी दुनिया तुमको

श्याम को अपना बनाकर देखलो,दिल की कोने में बिठाकर देखलो,दिल

मुरली जो ली तूने हाथो में,सारी सखियाँ नाचने लगी कन्हैया

हमको तो आसरा है,ऐ श्याम मुरली वाले,ऐ श्याम खाटू वाले,हमको

श्याम ने सुणा दे तेरे मन की बाता,देर भले है