
सहारा क्या कोई देगा, सहारा श्याम देता है लिरिक्स
सहारा क्या कोई देगा, सहारा श्याम देता है,और तो देके

सहारा क्या कोई देगा, सहारा श्याम देता है,और तो देके

कर्ज तेरे एहसान का श्याम रहने नहीं देना,तेरा कर्जा चुके


कहते हैं हक से, अधिकार हमारा है,खाटू वाला सांवरिया ही,


भजनों की रस गंगा में हम डुबकी लगाते हैं,डुबकी का

प्रेम जता कर कठे गया था श्याम,म्है इत् उत् ढूँढ़ा,

सोया नसीब श्याम जगादे, बाबा मुझको खाटू बुलाले,इतनी किरपा मुझपे

कैसे बताऊँ श्याम ने, क्या क्या नहीं किया,अपने गले लगाके

आ गया है मेला श्याम का चंग बजाओ जोर से,नाचो