


शीशगंज अर्धंग पार्वती, शमशानों के वासी हैं,संत भक्त सब कह

शिव डमरू वाले को दिल से ना भुलाना तू,शंकर त्रिपुरारी

कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ,आयो शरण तिहारी प्रभु

शंकर तेरी जटा में बहती है गंगधारा ।काली घटा के

शिव कैलाशो के वासी,धौली धारों के राजा,शंकर संकट हरना,शंकर संकट

भोला भाला – भोला भाला, शिव भक्तों का रखवाला ।सारे

भोले तेरे होते कैसे, अंखियां बहती जाय,घट-घट के ओ वासी

तेरा दर तो हकीकत में,दुखियों का सहारा है,दरबार तेरा बाबा,जन्नत
