
वृंदावन प्यारो वृन्दावन भजन लिरिक्स
श्यामा हृदय कमल सो प्रगट्यौ,श्यामा हृदय कमल सो प्रगट्यौ,और श्याम

श्यामा हृदय कमल सो प्रगट्यौ,श्यामा हृदय कमल सो प्रगट्यौ,और श्याम

(वाणी गुणानु कथने, श्रवणो कथायां,हस्तौ च कर्मसु मनस्तव पादयोर्न:,स्मृत्यां शिरस्तव

तू है सखी बड भाग बड़ी,नन्दलाल तेरे घर आवत है….

लागत है मोहे प्यारो जादुवर,लागत है मोहे प्यार…. (राग –

एकली खड़ी रे मीरा बाई एकली खड़ी,मोहन आवो तो सही

मेरे बांके बिहारी लाल,तू इतना ना करियो श्रृंगार,नजर तोहे लग