
बाबा कालजे में हुक सी उठे, थे कद मेरी सुध लेवोगा लिरिक्स
बाबा कालजे में हुक सी उठे, थे कद मेरी सुध

बाबा कालजे में हुक सी उठे, थे कद मेरी सुध



क्या बताऊँ दादी जी ने क्या नहीं किया,गिर रहा था

हिमाचल की गलियों में उत्सव छाया है,मेरा भोला दानी देखो

बजरंगी नाचे रे, श्रीराम के दरबार में,ठुमका, लगा ठुमका, लगा

कैसे बताऊँ श्याम ने, क्या क्या नहीं किया,अपने गले लगाके

कीर्तन करतां श्याम, आँधी रात घिर आयी जी,थे कईयाँ देर

मनड़े ने लुभावे, भोली सूरत या म्हारे श्याम की,हूक उठे

ओ कान्हा आ रेSS5, तू आजा मोहन गिरधारी,कि तरसे गूजरियां