
चीर के छाती बोले अपनी पवन पुत्र हनुमान लिरिक्स
चीर के छाती बोले अपनी पवन पुत्र हनुमान,मेरे मन में

चीर के छाती बोले अपनी पवन पुत्र हनुमान,मेरे मन में

मेरे राम भक्त बजरंगी की हर बात निराली है,दरबार से

मारुतिनंदन हे दुःख भंजन जग में बड़ा तेरा नाम,सांवेर के

हाथ पकड़ ले बालाजी,मेरे दुखड़े मिटाओ ना,अरे ओ बालाजी,मेरे कीर्तन

बजरंगी नाचे रे, श्रीराम के दरबार में,ठुमका, लगा ठुमका, लगा

छम-छम नाचे हनुमान राम की धुन में,राम की धुन में,

मेरा कोई ना सहारा बिन तेरे,हनुमान दया करो मेरे ।।


कोई जब राह ना पाये, शरण तेरी आये,कि तुझको मन

संकटमोचन हनुमान श्री राम दिवाना है,इनकी शक्ति को आज, दुनियां

चीर के छाती बोले अपनी पवन पुत्र हनुमान,मेरे मन में

मेरे राम भक्त बजरंगी की हर बात निराली है,दरबार से

मारुतिनंदन हे दुःख भंजन जग में बड़ा तेरा नाम,सांवेर के

हाथ पकड़ ले बालाजी,मेरे दुखड़े मिटाओ ना,अरे ओ बालाजी,मेरे कीर्तन

बजरंगी नाचे रे, श्रीराम के दरबार में,ठुमका, लगा ठुमका, लगा

छम-छम नाचे हनुमान राम की धुन में,राम की धुन में,

मेरा कोई ना सहारा बिन तेरे,हनुमान दया करो मेरे ।।


कोई जब राह ना पाये, शरण तेरी आये,कि तुझको मन

संकटमोचन हनुमान श्री राम दिवाना है,इनकी शक्ति को आज, दुनियां