माई मेरे श्याम लग्यौ संग डोले ।
जित जाऊं उत आडौ ही आवे, बिना बुलाए बोले,
ओ श्याम लग्यौ संग डोले,
माई मेरे श्याम लग्यौ संग डोले ।।
कहा करू ये लोभी मेरे नैना, बस कीने बिन मोले,
ओ श्याम लग्यौ संग डोले,
माई मेरे श्याम लग्यौ संग डोले ।।
‘कुंभनदास’ प्रभु गोवर्धनधर, मेरो हँसि हँसि घूंघट खोले,
ओ श्याम लग्यौ संग डोले,
माई मेरे श्याम लग्यौ संग डोले ।।




