सारे भक्त भक्ति करे, भोलेनाथ की,
मेरी भक्ति दिखती नहीं क्या भोलेनाथ जी,
सुन मेरी भी अरज, देंगे मुझे भी दरश,
ओ मेरे बाबा तुम्ही से मुझे प्यार हो गया ।।
महालोक में बाबा करते नंदी की सवारी,
भस्म रमाए बैठे बाबा लीन रहे समाधी,
लाखों भक्त आये दर, सुने उनके दुःख दर्द,
ओ मेरे बाबा तुम्ही से मुझे प्यार हो गया ।।
सावन माह में जो भी लाए कावड़ो में पानी,
दूर दूर से पैदल आ कर तुझपे चढ़ाए पानी,
भोले एक लोटा जल सारी समस्या का हल,
ओ मेरे बाबा तुम्ही से मुझे प्यार हो गया ।।
भोले की महिमा को हमने वेदो से है जानी,
युगो युगो से चल रही मेरे बाबा की कहानी,
मेरा भोला है भंडारी, मेरी नैया तूने तारी,
ओ मेरे बाबा तुम्ही से मुझे प्यार हो गया ।।
लेखक – ललित माली जी




