साँचा है द्वार श्याम का, इसमें वहम नहीं लिरिक्स

Sacha Hai Dwar Shyam Ka Lyrics

साँचा है द्वार श्याम का, इसमें वहम नहीं,
दरबार साँवरे का ये, खाटू से कम नहीं ।।

नजरें कोई मिलाऊँ तो, धड़कन मचल उठे,
अर्जी कोई लगाऊँ तो, आँखें छलक उठे,
खुशबु तुम्हारे धाम की, फूलों से कम नहीं,
साँचा है द्वार श्याम का, इसमें वहम नहीं ।।

जिसने भी गाया नाम है, भव पार हो गया,
जन्मों जनम से छूटकर, उद्धार हो गया,
महिमा प्रभु के नाम की, वेदों से कम नहीं,
साँचा है द्वार श्याम का, इसमें वहम नहीं ।।

भाया भी आस पास है, निगरानी कर रहे,
उनकी बताई राह पर, उतना हम चल रहे,
उनकी कृपा भी हम सब पर, गुरुवर से कम नहीं,
साँचा है द्वार श्याम का, इसमें वहम नहीं ।।

लेखक – संजू शर्मा जी